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Showing posts from February 15, 2015

स्वतंत्रताके समयका एवं आजका भारत !

१९४७ में जहां १ पैसेका भी ऋण नहीं था, उस भारतमें आज प्रत्येक नागरिक अपने सिरपर ३२,८१२ रुपयोंके ऋणका भार ढो रहा है । १९४७ में ३३ प्रतिशतसे अधिक निर्यात करनेवाला भारत आज १ प्रतिशतसे भी अल्प निर्यात कर रहा है । जहां अधिकसे अधिक १० से २० विदेशी प्रतिष्ठान थे, उस
भारतमें आज ५,००० से भी अधिक विदेशी प्रतिष्ठानोंको सिरपर उठाया जा रहा है । जहां एक भी संवेदनशील जनपद (जिला) नहीं था, उस भारतमें आज ३०० से भी अधिक जनपद संवेदनशील बन गए हैं । जहां प्रति नागरिक एक-दो गौएं होती थीं, उस भारतमें अबाध गोहत्याके कारण आज १२ व्यक्तियोंपर एक गाय है । विदेशमें जाकर अत्याचारी कर्जन वाइली, ओडवायर जैसे शासकोंको ईसावासी करनेवाला भारत आज संसदपर आक्रमण करनेवाले अफजलको फांसी देनेसे कतरा रहा है ! देशाभिमान जागृत रखनेवाले भारतसे, देशाभिमान गिरवी रखनेवाला भारत, निम्नतम भ्रष्टाचार करनेवाले भारतसे भ्रष्टाचारकी उच्चतम सीमातक पहुंचा भारत, सीमापार झंडा फहरानेवाले भारतसे आज नहीं तो कल, कश्मीरसे हाथ धो बैठनेकी प्रतीक्षा करनेवाला भारत… यह सूची लिखते समय भी मन आक्रोशित हो रहा है; परंतु ‘गणकी तो दूर, मनकी भी लज्जा न रखनेवाले’ शा…