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Showing posts from January 31, 2018

पद्मावती विवाद और राजपूत ###########

*पद्मावती विवाद और राजपूत
राजस्‍थान के राजपुतों में भयंकर गरीबी है। शायद जाटों से भी ज्‍यादा। ३० प्रतिशत के आसपास बीपीएल होंगे। काश कि कभी ये रोजगार के लिए सड़कों पर उतरते। पर नहीं, उतरेंगे तो कभी गैंगस्‍टर आनंदपाल के लिए और कभी पद्मावती के लिए।
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लेकिन ये तो आजकल हर जाति में हो रहा है। *हर कोई अस्मिता के लिए सड़कों पर उतर रहा है, मुर्ति के लिए उतर रहा है पर रोजगार के लिए नहीं। इसका मूल कारण कोई एक जाति नहीं बल्कि देश में एक क्रान्तिकारी आन्‍दोलन की अनुपस्थिति है जिसके कारण तमाम प्रतिक्रियावादी जनता को गलत रास्‍ते पर ले जाने में सफल हो रहे हैं।* *शहीदे आजम भगत सिंह* ने कहा था “जब गतिरोध की स्थिति लोगों को अपने शिकंजे में जकड़ लेती है तो किसी भी प्रकार की तब्दीली से वे हिचकिचाते हैं। इस जड़ता और निष्क्रियता को तोड़ने के लिये एक क्रान्तिकारी स्पिरिट पैदा करने की ज़रूरत होती है, अन्यथा पतन और बर्बादी का वातावरण छा जाता है।… लोगों को गुमराह करने वाली प्रतिक्रियावादी शक्तियाँ जनता को ग़लत रास्ते पर ले जाने में सफल हो जाती हैं। इससे इन्सान की प्रगति रुक जाती है और उसमें गतिरोध आ जाता ह…

नौकरियां कहां है, नौजवान कहां हैं, क्रांति फिल्म का वो गाना कहां हैं

नौकरियां कहां है, नौजवान कहां हैं, क्रांति फिल्म का वो गाना कहां हैं ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि सरकार पांच साल से ख़ाली पड़े पद समाप्त करने जा रही हैं। यह साफ नहीं है कि लगातार पांच साल से ख़ाली पड़े पदों की संख्या कितनी है। अवव्ल तो इन पर भर्ती होनी चाहिए थी मगर जब नौजवान हिन्दू मुस्लिम डिबेट में हिस्सा ले ही रहे हैं तो फिर चिन्ता की क्या बात। यह आत्मविश्वास ही है कि जिस समय रोज़गार बहस का मुद्दा बना हुआ है उस समय यह ख़बर आई है। वित्त मंत्रालय ने 16 जनवरी को अलग अलग मंत्रालयों और विभागों को ऐसे निर्देश भेज दिए हैं। विभाग प्रमुखों से कहा गया है कि ऐसे पदों की पहचान करें और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपे। इस ख़बर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं का दिल धड़का दिया है। अब ये नौजवान क्या करेंगे, कोई इनकी क्यों नहीं सुनता, इन नौजवानों ने आख़िर क्या ग़लती कर दी ? बहुत सी परीक्षाएं हो चुकी हैं मगर ज्वाइनिंग नहीं हो रही है। 30 जनवरी को यूपी में तीन तीन भर्तियां रद्द हो गईं। लड़के उदास मायूस हैं। रो रहे हैं। उनके साथ ऐसा क्यों हो रहा है। जिस 16 जनवरी को वित्त मंत्रालय ने तमाम विभागों को निर्देश दिए…