देश भक्ति शायरी

सरकार में भ्रष्टाचार का विरोध देशभक्ति के उच्चतम दायित्व है

आपको देशभक्ति में इतना अँधा नहीं हो जाना चाहिए कि आप सच्चाई का सामना न कर सकें। जो गलत है वो गलत है, फिर चाहे कोई कुछ भी कहे।


इस कदर वाकिफ है मेरी कलम मेरे जज़्बातों से, अगर मैं इश्क़ लिखना भी चाहूँ तो इंक़लाब लिखा जाता है।

यह मत पूछो कि तुम्हारा देश तुम्हारे लिए क्या कर सकता है बल्कि यह पूछो कि तुम देश के लिए क्या कर सकते हो।

आम तौर पर लोग चीजें जैसी हैं उसके आदि हो जाते हैं और बदलाव के विचार से ही कांपने लगते हैं। हमें इसी निष्क्रियता की भावना को क्रांतिकारी भावना से बदलने की ज़रुरत है
यह मत पूछिये कि आपका देश आपके लिए क्या कर सकता है; यह पूछिये कि आप अपने देश के लिए क्या कर सकते हैं।


देशभक्ति, अपने देश का हर समय समर्थन करना है और अपनी सरकार का, जब वो इसकी हक़दार हो।

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