हिन्दुत्व राष्ट्र की संचेतना है। इस पर प्रहार महाप्रलय को आमन्त्रण है।

कई जीत बाकी हैं, कई हार बाकी हैं
अभी तो जिंदगी का सार बाकी है
यंहा से चले हैं नयी मज़िल के लिए
ये एक पन्ना था अभी तो किताब बाकी है

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बिखरने दो होंठों पे हँसी की फुहारों को,
प्यार से बात कर लेने से दौलत कम नहीं होती...
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